नीलम रत्न के मानव जीवन पर चमत्कारिक प्रभाव

मानव जीवन, ग्रहोकी शक्तियों से किस तरह प्रभावित होता है,  इस बात सेआज कोई इंकार नही कर सकता॥ ऐसा कौन साव्यक्ति है जो यह कह दे कि सूरज चाँद केबिना संसार चल सकता है, हर पल ग्रह मानव-जीवनपर अनुकूल या प्रतिकूलप्रभाव डालते हैं, पर ग्रहो कि शक्तियाँ नजर नही आती। सौरमंडल के प्रमुख नौ ग्रह है सूर्य, चाँद, मंगल, बुद्ध, गुरु, शुक्र, शनि,  राहू औरकेतू॥ प्रत्येक ग्रह का प्रतिनिधित्व कोई न कोई रत्न करता है, ज्योतिष-जगत मे रत्नो का एक विशेष स्थान है, रत्न दैवीय शक्तियों से ओत-प्रोत है, ग्रहो की प्रतिकूल अवस्था को कम करने के लिए और जीवन मे विशेष लाभ पानेके लिए इन्हे धारण किया जाता है।

Blue Sapphire Gemstone

Blue Sapphire Gemstone

शनि को सौरमंडल का सबसे ज्यादा प्रभावशाली ग्रह माना गया है। मनुष्य जीवन पर इसका बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार शनि को सूर्यपुत्र तथा यमाग्रज शब्दो से संबोधित किया गया है, सूर्यपुत्र अर्थात इस की उत्पति सूर्य सेहुई है, यमाग्रज अर्थात शनि यम के बड़े भाई की तरह कार्य करता है, वह दोषी लोगों को दंड देने, मृत्यु और न्याय के देवता यमराज की सहायता करता है। शनि सौरमंडल का छटा ग्रह है,

शनिके प्रभाव देर तक चलने वाले होते है, जिस व्यक्ति पर शनिअशुभ हो उसे शनिवार का व्रत आवश्य रखना चाहिए, शनि मंत्र का पाठ करना चाहिए, गरीबों मे उड़द की दाल, मीठा हलवा, तिल-गुड के लड्डू बांटने चाहिए, और इस समय सबसे ज्यादा लाभ नीलम रत्न धरण करने से होता है, नीलम रत्न शनि ग्रह का प्रतीक है, यदि शनि के अनिष्ट प्रभाव के दौरान नीलम धारण किया जाये तो शनि मजबूत होता है, अनिष्ट प्रभाव कम होने लगता है, शनि द्वारा शासित रोगों से और अन्य परेशानियों से भी निजात मिलती है, जैसे-पैरों और जोड़ों मे दर्द, मकान न  बन पाना, मकान बन जाने के बाद अनहोनी घटनाएँ होना, सहकर्मियों के साथ न बनना, ईगो रहना, कोर्ट-कचहरी की कोई परेशानी होना।

नीलम एक बहुत ही चमत्कारिक रत्न है, दुधारी तलवार के सम्मान है,यदि लाभप्रदायक हो तो बहुत उन्नति प्रदान करता है, परंतु यदि हानिकारक होतो जातक को बर्बाद भी कर सकता है, सभी रत्नो मे से नीलम ही एक मात्र ऐसा रत्न है, जो 24 से 48 घंटो मे अपना प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाता है। स्थायी रूप से इसे धारण करने से पूर्वसदैव दैवज्ञ सेपरामर्श आवश्य लेनी चाहिए। कारण यही है कि यदि इसे पहनना सही परिणाम नही दे रहा तो यह नर्क के द्वार खोल सकता है, और सही परिणाम देने लगेतो जातक के लिए यह स्वर्ग के द्वार खोल सकता है। कमजोर शनि की शुभ भाव स्थिति मे नीलम उसके बल को कई गुना बडा देता है, और अशुभ भाव स्थिति मे धारण करने से उसकी अशुभता और मारकता बड़ जाती है। कामी और आलसी व्यक्ति को नीलम धारण नही करना चाहिए। निसन्देह नीलम रत्न के चमत्कारिक प्रभाव जातको पर रहते हैं, इस लिए इस रत्न को उचित देख-रेख और नियंत्रण मे ही धारण करना चाहिए॥

3 comments

Add Comment

Required fields are marked *. Your email address will not be published.